नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा में गड़बड़ियों पर रोक के लिए तीन साल पहले आर्किटेक्ट को बिल्डिंग परमिशन जारी करने के अधिकार दिए गए थे। लेकिन, कुछ आर्किटेक्ट परमिशन जारी करने में नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। नगर निगम की जांच में यह बात सामने आई कि 15 आर्किटेक्ट्स ने 2862 बिल्डिंग परमिशन जारी करने के बाद इनकी फाइलें जमा नहीं की है। अब इन परमिशन की भी जांच होगी। यदि यह नियम विरुद्ध पाई गईं तो उन्हें भी नोटिस दिया जा सकता है।

करीब डेढ़ महीने पहले नगर निगम ने आर्किटेक्ट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। सभी आर्किटेक्ट्स की बैठक बुलाकर निगमायुक्त वीएस चौधरी कोलसानी ने कहा था कि पुरानी फाइलें जमा करा दें। निगम ने ऐसे 34 आर्किटेक्ट्स के कंसोल बंद कर दिए थे। इसके बाद फाइलें जमा करने का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन इन 15 आर्किटेक्ट्स ने फाइलें जमा नहीं कराई, इसलिए इनके लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। यदि अब भी इन्होंने फाइलें जमा नहीं कराईं तो लाइसेंस निरस्त भी किए जा सकते हैं।

नियम यह है…एक माह के भीतर जमा कराना चाहिए
नियमानुसार परमिशन जारी करने के बाद एक माह के भीतर उसकी फाइल निगम में जमा कराई जाना चाहिए। लेकिन, कई मामले ऐसे हैं जिनमें साल-डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है और फाइल जमा नहीं हुई।

इनकी फाइलें जमा नहीं हुईं
अजीत ललवानी – 24, रूपेश किरार- 34, अंकिता श्रीवास्तव – 20, अनुपम सोनी – 46, आराधना मोइले- 152, जयस जेनल खान – 137, अवनीश सक्सेना – 21, मनीष गुप्ता – 47 ,नीरज पहाड़े – 44, रोजी अरोरा – 27, एस राजन वारियर – 74, एसएम हुसैन- 35, सुजीत कुमार झरवड़े- 2136, ह्रदेश किरार – 28, छाया चंडक- 37

इसका ध्यान रखें
निगम की वेबसाइट पर लाइसेंसधारी आर्किटेक्ट्स की नई सूची अपलोड की जा रही है। इसमें शामिल आर्किटेक्ट से ही परमिशन लें।
आर्किटेक्ट्स से परमिशन लेने के बाद यह सुनिश्चित करें कि आपके कागजात निगम में जमा हो गए हैं।

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