नगर निगम के तत्कालीन नगर निवेशक एमपी शांडिल्य ने मुझसे दो लाख की रिश्वत मांगी, पैसे नहीं देने पर उन्होंने अमला भेजकर मेरा दो मंजिला निर्माणाधीन मकान ढहा दिया। यह आरोप सीबीआई में पदस्थ एसआई अमर सिंह ने लगाए हैं। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत 21 सितंबर को अजाक थाने में की है।

यही नहीं, एसआई सिंह ने निगम कमिश्नर को लीगल नोटिस देकर 50 लाख का हर्जाना भी मांगा है। निगम ने पिछले साल 16 दिसंबर को साक्षी ढाबा से केरवा डैम के लिए जाने वाले रास्ते पर स्थित अमर सिंह का मकान तोड़ने की कार्रवाई की थी। सिंह का दावा है कि उन्होंने आर्किटेक्ट संजय रघुवंशी से नक्शा पास कराया था।

कंपाउंडिंग की फाइल रोकी और कर दी कार्रवाई
एसआई सिंह का दावा है कि 16 दिसंबर को हुई आंशिक कार्रवाई के बाद उन्होंने कंपाउंडिंग के लिए नगर निगम में आवेदन किया था, लेकिन जिम्मेदार जानबूझकर फाइल अटकाए रहे और 17 मार्च को बिना किसी सूचना पत्र जारी किए मकान पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।

बिना अनुमति निर्माण किया था, उनको नोटिस देकर वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाकर कार्रवाई की थी। पैसे मांगने के सभी आरोप मनगढ़ंत हैं।
-एमपी शांडिल्य, तत्कालीन नगर निवेशक, नगर निगम

अवैध निर्माण तोड़ने से पहले कागजी कार्रवाई, मौका मुआयना किया जाता है। अगर कार्रवाई की गई है तो नियमानुसार ही हुई होगी। कुछ गलत मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
वीएस चौधरी कोलसानी, कमिश्नर, नगर निगम

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