भोपाल | 06-नवम्बर-2020
कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर 200 रूपए के जुर्माने का आदेश दिया है। तंबाकू का सेवन जन स्वास्थ्य के लिए बड़े खतरों में से है थूकना एक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है। और संचारी रोगों के फैलने का एक प्रमुख कारण है। तंबाकू सेवन करने वालों की प्रवृत्ति यत्र-तत्र थूकने की होती है। थूकने के कारण कई गंभीर बीमारियां जैसे कोविड-19, इंसेफेलाईटिस, स्वाइन फ्लू इत्यादि के संक्रमण फैलने की संभावना प्रबल रहती है। तंबाकू सेवन करने वाले लोग गंदगी फैला कर वातावरण को दूषित करते हैं इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने के लिए उपयुक्त परिस्थिति तैयार होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना कोविड-19 को विश्वव्यापी महामारी घोषित किया जा चुका हे तथा भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस विश्वव्यापी महामारी के रोकथाम एवं बचाव के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, आईसीएमआर, नई दिल्ली द्वारा भी कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों को तंबाकू सेवन करने और सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने की अपील की गई है। आईसीएमआर के अनुसार तंबाकू, गुटखा पान मसाला और तंबाकू चबाने वाले उत्पाद से मनुष्य में थूक का उत्पादन बढ़ता है जिसके कारण थूकने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है। आईसीएमआर के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से महामारी बढ़ सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सिगरेट, बीड़ी सेवन करने वालों में भी कोरोना से जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। तंबाकू सेवन करने वाले लोग गंदगी फैला कर वातावरण को दूषित करते हैं जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने के लिए उपयुक्त परिस्थितियां तैयार होती हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 268 या 269 के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि ऐसा विधि विरुद्ध अथवा उपेक्षा पूर्ण कार्य करेगा जिससे जीवन के लिए संकट पूर्ण रूप रोग का संक्रमण फैलना संभव हो तो उस व्यक्ति को 6 माह तक का कारावास एवं ₹200 रूपए तक के जुर्माना से दंडित किया जाएगा। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादन अधिनियम 2003 की धारा 4 के अनुसार सभी सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान प्रबंधित है। प्रतिबंधित स्थलों पर धूम्रपान निषेध का उल्लंघन करने पर दंड स्वरूप ₹200 तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

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