भोपाल | 09-अक्तूबर-2020
मत्स्य पालन के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य मछली उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्ता तकनीकी आधारभूत संरचना एवं प्रबंधन के अंतर को कम करना मूल्य श्रंखला का आधुनिकीकरण एवं सुदृढीकरण करना, मत्स्य पालन प्रबंधन ढांचा की स्थापना तथा मछुआरों एवं मत्स्य कृषकों की आय को बढाना है।
सहायक संचालक मत्स्योद्योग ने बताया कि इस योजना में विभिन्न योजनाएं जिसमें मत्स्य बीज उत्पादन हेतु बीज उत्पादन हैचरी की स्थापना, नवीन मत्स्यबीज संबर्धन हेतु पोखर/तालाब का निर्माण, नवीन तालाब, का निर्माण, मिश्रित मत्स्य पालन, पंगेशियस मछली पालन, तिलापिया मछली पालन हेतु इनपुट्स की व्यवस्था, जलाशय में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन रंगीन मछलियों की ब्रेडिंग एवं रियरिंग के लिए ईकाई की स्थापना, पुनः संचारी जल कृषि प्रणाली (आर.ए.एस.) की स्थापना, बायोफ्लोक की स्थापना, आईस बाक्स युक्त मोटर साईकिल/साईकिल, मछली बिक्री हेतु ई-रिक्षा रेफ्रीजरेटर ट्रक, जलाशय में केज/पेन स्थापना, फिश फिड मिल प्लांट, मछली क्योस्क का निर्माण, थोक मछली बाजार का निर्माण, आईस प्लांट स्थापना इत्यादि शामिल है।
उक्त योजना में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं महिला वर्ग के हितग्राहियों को ईकाई लागत का 60 प्रतिशत एवं सामान्य वर्ग तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इस योजना में सम्मिलित गतिविधियों का लाभ लेने हेतु इच्छुक/हितग्राही, व्यक्ति, मत्स्य पालक कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग में 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।

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