भोपाल | 23-अक्तूबर-2020
वर्तमान मौसम परिवर्तन की स्थितियों में सामान्य रूप से मच्छर जनित बीमारियों से प्रभावित होने की आशंका आमजन के लिए बढ़ जाती है। वर्षा के बाद जगह-जगह पानी भरा है जिसमें मलेरिया और डेंगू के मच्छर पनपते है ऐसे पानी भराव वाली स्थानों पर दवाई का छिड़काव व बड़ी जगहों पर गम्बूसिया मछली डाली जा रही है। घरों में टयूब-टायर, बर्तनों में पानी भरा नहीं रहने दें। प्रत्येक 2-3 दिन में कूलर का पानी बदलते रहें। घरों में मच्छरदानी का प्रयोग करें। बच्चों को पूरे अस्तीन के कपड़े पहनायें और शाम को घरों के आस-पास नीम का धुआं करें।
बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर उचित जांच एवं उपचार कराना चाहिए। मलेरिया की जांच कराए रक्त पट्टिका बनाकर खून को जांच कराए। डॉक्टर की सलाह पर ही दवाई गोली ले और इसके साथ ही टाइफाइड से बचने के लिए पेयजल छानकर एवं उबालकर उपयोग करें, बाहर का खाना खाने से बचें। ठेले पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों एवं पेय पदार्थों का उपयोग नहीं करें । फल या सब्जी को पानी से धोकर ही उपयोग करें। खाना खाने से पहले अपने हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं। व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। घर के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें। किचन में भोज्य पदार्थ ढांक कर रखें। पानी पीने के लिए हेंडल वाले मग का उपयोग करें। बासी भोजन का प्रयोग ना करे, ताजा भोजन करें। दरवाजों के हैंडल, टेलीफोन व नल पर होने वाली गंदगी से बचें। नियमित तथा तेज बुखार के साथ उल्टी की शिकायत होने पर नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक से संपर्क करें। सभी सरकारी अस्पतालों में मलेरिया और डेंगू की जॉच उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है।

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