भोपाल में अब बाजार से लेकर किसी भी सरकारी और निजी संस्था में लोग बिना मास्क के नजर आने लगे हैं। यह स्थिति इसलिए ज्यादा चिंता में डालने वाली है, क्योंकि मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ राजधानी में कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा है। आशंका जताई जा रही है कि ये संक्रमण की दूसरी लहर हो सकती है। असल में, मार्च में शुरू हुआ कोरोना का दौर छह महीने यानि छह महीने तक कभी कम, कभी ज्यादा होता रहा। इसके बाद त्योहारी सीजन शुरू हुआ। इसके बाद केस बढ़ने शुरू हो गए हैं।

गुरुवार को शहर में कोरोना संक्रमण के 425 मामले सामने आए। ये बुधवार के 229 के मुकाबले करीब दोगुने मामले हैं। पूरे कोरोना काल में ये अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू की है। गुरुवार को मास्क न लगाने वालों के खिलाफ भोपाल में अभियान शुरु किया गया। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि इसे तीसरी तो नहीं कह सकते, लेकिन दूसरी लहर मान सकते हैं। वजह है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं और न ही चेहरे पर मास्क लगा रहे हैं। लोगों को इसके लिए जागरूक और सतर्क रहना होगा। फिलहाल मास्क ही वैक्सीन है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी है, तभी संक्रमण पर रोक लगाई जा सकती है।

फिर से रात 8 बजे से बाजार बंद करने पर विचार
राजधानी में कोरोना संक्रमण एक बार फि‍र तेजी से पैर पसारने लगा है। बीते कुछ दिनों से रोज ही 200 से ज्‍यादा नए कोरोना मरीज मिल रहे हैं। संक्रमण की इस रफ्तार को थामने के लिए प्रशासन एक बार फिर रात आठ बजे तक बाजारों को बंद करने पर विचार कर रहा है। इस बारे में बाजार के व्यापारियों से भी सहमति ली जाएगी। त्योहारी सीजन में बाजारों में बढ़ी भीड़ और और सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन न किए जाने के चलते शहर में तेजी से कोरोना मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है। इसके चलते प्रशासन ने एक बार फिर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

कंटेनमेंट जोन बनाने की भी तैयारी

इधर, शहर में अब दोबारा कंटेनमेंट क्षेत्र बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया है। हालांकि यह कंटेनमेंट क्षेत्र उन मरीजों के घर के आसपास ही बनाया जाएगा जो कि होम आइसोलेशन में हैं। वहीं, घर-घर जाकर थर्मल स्क्रीनिंग और सैंपलिंग भी की जाएगी। कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर के आसपास के 10 मकानों की हर दिन स्क्रीनिंग की जाएगी। लक्षण पाए जाने पर सैंपलिंग भी की जाएगी। इधर, नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पॉजिटिव मरीजों के घरों को कंटेनमेंट कर सैनिटाइजेशन शुरू करें।

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