गैस राहत विभाग के ई-हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में पिछले 9 साल से काम कर रहे ऑफिस असिस्टेंट लेवल 1 के 153 कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की तैयारी हो गई है। जब इसकी भनक इन कर्मचारियों को लगी तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और विरोध में मानवाधिकार आयोग के साथ ही विभाग के समस्त अधिकारियों को आवेदन देकर कटौती का विरोध जताया।
दरअसल, 2011 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में एनआईसी ने एक साल कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर 153 लोगों को रखा था। इन्हें वर्तमान में 22,700 रुपए सैलरी दी जा रही है, लेकिन पिछले दिनों प्रोजेक्ट के लिए बीएसएनएल की ओर से अनुबंध हुआ है। अब बीएसएनएल को 23,327 रुपए दिए जा रहे हैं। इसमें बीएसएनएल का अंश 15 प्रतिशत निर्धारित है।
इस पर भी कर्मचारियों का वेतन 19,828 रुपए बनता था, लेकिन बीएसएनएल ने ये काम किसी एक दूसरी कंपनी को दे दिया है। अब उक्त कंपनी की ओर से कर्मचारियों को बता दिया गया है कि पीएफ और ईएसआई काटकर उनका वेतन 9000 रुपए बनेगा। जब कर्मचारियों ने विरोध किया तो 1 नवंबर से उनकी सेवाएं समाप्त कर नया स्टाफ रखने की धमकी दी जा रही है। वहीं कर्मचारियों को 6 महीने से वेतन भी नहीं मिला है।

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