भोपाल | 24-अक्तूबर-2020
गर्भधारण पुर्व एवं प्रसव पूर्व निदा न पर आयोजित कार्यशाला में मुख्यचिकित्सा और स्वास्थ अधिकारी ने कहा कि इस बात का व्यापक रूप से प्रचार और प्रसार किया जाए की यह गैर कानूनी है और जन्म से पहले बच्चे का लिंग परीक्षण कराया जाना और करना दोनो अपराध है। लोगो को इस बारे जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सबसे बेहतर तरीके से यह काम कर सकती है। महिलाओं और परिवार में इस बात की जानकारी बेहतर तरीके से दी जा सकती है।
आज गांधी नगर में समस्त एलआर आशा कार्यकर्ता को एवं स्वास्थ कर्मियों की पी सी पी एन डी टी एक्ट पर कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें गर्भधारण पुर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक नियम1996 विषय पर आशाओं को प्रोजेक्टर के माध्यम से एवम् जानकारी दी गई।
कार्यशाला में बेटी बचाओ एवं प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण निषेध विषय पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रभाकर तिवारी ने कहा की जिले में इस एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लागातर सचेत और क्रियाशील रहना होगा। ऐसे सभी संस्थानों में जिन्हें सोनोग्राफी सेंटर की अनुमति है इनका प्रत्येक दिन का डाटा और गर्भवती महिलाओं द्वारा भरे जाने वाले फार्म उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए है।
कार्यशाला का आयोजन कोविड 19 के संक्रमण और गाइड लाइन को ध्यान रखते हुये दो पाली में किया गया आशा कार्यकर्ता द्वारा मास्क एवँ उचित दूरी का विशेष ध्यान रखा गया कार्यशाला के समापन अवसर पर आशा ने अपने-अपने ग्राम में एक्ट की जानकारी अनुसार कार्य करने का संकल्प लिया।

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