नगर निगम बिल्डिंग परमिशन शाखा में एक नया घोटाला सामने आया है। बिल्डिंग परमिशन शाखा में सक्रिय दलाल प्राइवेट आर्किटेक्ट के माध्यम से अवैध काॅलोनियों में बिल्डिंग परमिशन करा रहे हैं।

अफसरों की नजरों से बचाने के लिए इन परमिशन की फाइलें एक-एक साल बाद भी जमा नहीं कराईं गईं। पिछले दिनों बिल्डिंग परमिशन शाखा की समीक्षा के दौरान जब यह बात सामने आई कि कई आर्किटेक्ट्स ने परमिशन की फाइलें जमा नहीं कराईं हैं तो निगम प्रशासन ने दबाव बनाना शुरू किया। आर्किटेक्ट पीके सिंह ने 2,470 ऐसी फाइलें जमा कराईं, जिनमें डेढ़ साल पहले तक जारी हुईं परमिशन तक शामिल थीं।

ऐसी गड़बड़ी- इन फाइलों की जांच में राजवंश कॉलोनी करोंद में 1 मार्च 2019 को जारी की गई परमिशन भी पकड़ में आई। सिंह का कहना है कि उन्होंने एक परिचित के भरोसे में इस परमिशन पर दस्तखत कर दिए। निगम कमिश्नर वीएस चौधरी कोलसानी ने कहा कि ऐसे सभी आर्किटेक्ट के लाइसेंस सस्पेंड किए जा रहे हैं। सारी गलत परमिशन भी निरस्त की जा रहीं हैं।

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