रेल यात्रियों को अब किसी भी ट्रेन की रवानगी से पांच मिनट पहले तक बर्थ अलॉट हो सकेगी। यह सुविधा रेलवे स्टेशनों के रिजर्वेशन काउंटरों व ऑनलाइन मिलने वाले रिजर्व टिकटों पर एक साथ मिल सकेगी। इससे उन यात्रियों को खासा फायदा मिलने लगेगा, जिन्हें किसी इमरजेंसी जैसी परिस्थिति या अचानक अपना यात्रा कार्यक्रम बनाना पड़ता है।

खाली रहने पर 5 से 10 फीसदी यानी लगभग 120 से अधिक यात्रियों को प्रति ट्रेन इस सुविधा का फायदा मिल सकेगा। इसके लिए रेल मंत्रालय द्वारा पांच मिनट से लेकर आधे घंटे के बीच संबंधित ट्रेन का दूसरा चार्ट तैयार किया जाएगा। रेलवे 10 अक्टूबर से यात्रियों को यह सुविधा प्रदान करने जा रहा है। इसके लिए रेल मंत्रालय ने तकनीकी सहयोग देने वाले क्रिस से सॉफ्टवेयर में परिवर्तन करने को कहा है।

रोड पर आया वनराज:पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को सड़क पर चहल-कदमी करते दिखा टाइगर; इस रोमांच को पर्यटकों ने कैमरे में कैद किया
पन्ना टाइगर रिजर्व में 9 माह में 5 बाघों की मौत के बाद 6 महीने बाद खुले पार्क में सुखद खबर निकल कर सामने आई। जब पर्यटकों को टाइगर रिजर्व के अंदर बाघ सफारी में सैर कर रहे पर्यटकों को दिखाई दिया। वह रास्ते में ही चहल कदमी करते हुए निकल रहा था, इस दौरान सफारी रोककर पर्यटकों ने इस खास मौके को अपने मोबाइल कैमरे और कैमरे में कैद किया। बाघ करीब 10 मिनट तक सड़क पर चहलकदमी करता रहा। डर और रोमांच के बीच लोगों ने इस नजारे को कैमरे में कैद कर लिया।

वर्तमान में भोपाल एक्सप्रेस सहित यहां से गुजरने व हाल्ट लेने वाली करीब 10 ट्रेनों में विभिन्न श्रेणी की 15 से 20 फीसदी तक बर्थ खाली पड़ी रहती हैं। लेकिन, ट्रेन का चार्ट पहले बनाए जाने के कारण ऐसे यात्रियों को बर्थ अलॉट नहीं हो पाती है, जो अचानक स्टेशन पहुंचते हैं। ऐसे ही यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने कम से कम 5 मिनट और अधिकतम आधे घंटे पहले तक ट्रेनों का चार्ट बनाए जाने का सिस्टम शुरू करने का निर्णय लिया है।

इस सिस्टम के शुरू होने के बाद यात्रियों को ट्रेन के भीतर चलने वाले चैकिंग स्टाफ से बर्थ लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गौरतलब है कि लॉकडाउन अवधि के पहले से ट्रेन की रवानगी से 4 घंटे पहले पहला चार्ट बनाया जाता है, लेकिन दूसरा चार्ट ट्रेन रवाना होने से दो घंटे पहले बनता था।
हालांकि यह बाघ बिना रेडियो कॉलर के है, ऐसे में वह रहवास के लिए जगह ढूंढने निकल पड़ा है। इसलिए पर्यटक यह नजारा कैमरे में कैद कर रहे हैं। बता दें कि एक अक्टूबर से मध्य प्रदेश के नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व भी एक अक्टूबर को खुल गया। हालांकि अभी क्षमता से आधे पर्यटकों को ही एंट्री दी जा रही है। साथ ही पार्कों में कोरोना गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

पहला चार्ट बनने के बाद खाली बची सीटें होंगी अलॉट
पहला चार्ट बनने के बाद संबंधित ट्रेन में जो खाली सीट रह जाएंगी, उनके लिए यात्री ऑफलाइन या ऑनलाइन रिजर्वेशन के माध्यम से बर्थ प्राप्त कर सकेंगे।

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